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तापमान बढ़ने पर रोक लगाने के लिए कुछ नहीं किया गया तो दुनिया में भारी तबाही होगी.

तापमान बढ़ने पर रोक लगाने के लिए कुछ नहीं किया गया तो दुनिया में भारी तबाही होगी.

Date : 03-Aug-2019
31 जुलाई, 2019 दुनिया लगातार गर्म होती जा रही है. ऐसा लगता है कि जुलाई 2019 अब तक के सबसे गर्म महीने के तौर पर दर्ज़ किया गया. अगर हम 1880 से 1900 की तुलना करें तो पूरी धरती में जुलाई का महीना पिछले 10 सालों से लगातार सबसे गर्म महीना रहा है. वैज्ञानिकों ने चेताया है कि दुनिया का तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा नहीं बढ़ने देना चाहिए, नहीं तो जलवायु परिवर्तन के भयावह परिणाम देखने को मिलेंगे. यहां 1850 से 1900 के बीच तापमानों की तुलना की गई है, तब बड़े पैमाने पर ओद्यौगिकीकरण नहीं हुआ था. तब पृथ्वी का तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका था. भले ही यह बहुत ज़्यादा नहीं लग रहा हो लेकिन जलवायु परिवर्तन की अंतरराष्ट्रीय संस्था आईपीसीसी के मुताबिक अगर दुनिया के देशों ने तापमान बढ़ने पर रोक लगाने के लिए कुछ नहीं किया गया तो दुनिया में भारी तबाही होगी. समुद्र का जलस्तर बढ़ जाएगा, लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ेगा. अकाल, लू और भीषण बरसात जैसी भीषण मौसमी घटनाएं सामने आएंगी. चावल,मक्का और गेहूं जैसी फसलों का उत्पादन ख़तरे में आ जाएगा. अगर दुनिया भर का तापमान मौजूदा रफ़्तार से बढ़ता रहे, तो इस शताब्दी के अंत तक तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता इसका क्या मतलब हो सकता है? न्यूयार्कअमरीका करीब 80 लाख की आबादी के साथ न्यूयॉर्क दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले शहरों में से एक है. लेकिन यहां समुद्री बाढ़ और तूफ़ान आने की आशंका बनी रहती है. अक्टूबर और नवंबर, 2012 के दौरान हरिकेन तूफ़ान का उदाहरण सामने है. तब शहर के सबवे और सुरंग सब पानी से भर गए थे, जिसके चलते शहर की बिजली काट दी गई थी. इस तूफ़ान के आने के चलते 50 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी.

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