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युद्ध के साये में ऐसे जी रही हैं कुर्द औरतें

युद्ध के साये में ऐसे जी रही हैं कुर्द औरतें

Date : 11-Oct-2019
11 अक्तूबर 2019 युद्ध कोई भी हो, कहीं भी हो, किसी भी परिस्थिति में हो, उसकी विभीषिका सबसे ज़्यादा औरतों को ही झेलने पड़ती है. युद्ध की विभीषिका झेलती, अपना घर छोड़कर बच्चों को लिए सुरक्षित ठिकाने तलाशती कुर्द औरतों की कहानी, इन तस्वीरों की नज़र से अमरीका ने तुर्की की सीमा से सटे उत्तर-पूर्वी सीरिया से अचानक अपने सैनिक वापस बुलाने का फ़ैसला लिया. अमरीका के इस अचानक लिए फ़ैसले के बाद कुर्द महिलाओं के लिए सबकुछ बदल गया. अमरीका के ऐलान के बाद तुर्की ने अपनी सीमा से लगे उत्तरी-पूर्वी सीमा के शहरों और गांवों में हवाई हमले करने शुरू कर दिए. इसके बाद वहां के लोगों को घर छोड़कर अपने परिवार के साथ सिर छिपाने की जगह ढूंढनी पड़ रही है. ऐसे में महिलाओं को ख़ासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. छोटे बच्चे लिए वो हवाई हमलों से बचने के लिए घर छोड़कर भागने पर मजबूर हैं. इस तस्वीर में एक महिला के ठीक पीछे हवाई हमले के बाद उठता काला धुआं देखा जा सकता है. कुर्द सुरक्षाबलों ने बताया कि अब तक हमलों में कम से कम पांच नागरिकों की मौत हो गई है और कम से कम 25 लोग घायल हुए हैं. बढ़ते मानवीय संकट के बीच एसडीएफ़ ने मासूम लोगों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए नो फ़्लाई ज़ोन बनाने की गुज़ारिश की है. इस तस्वीर में एक कुर्द महिला अपना सामान एक गट्ठर में बांधकर उसे सिर पर लिए सुरक्षित ठिकाने की तलाश में जा रही है. मिली जानकारी के मुताबिक़ सीरिया के कई गाँवों और शहरों पर हवाई हमले किए जिसकी वजह से वहां के हज़ारों लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ा. कुछ दिनों पहले कुर्द महिलाओं ने तुर्की के ख़िलाफ़ मार्च निकाला था. तुर्की की सेना का कहना है कि उन्होंने आतंकियों के 181 ठिकानों को निशाना बनाया है. एसडीएफ़ के प्रवक्ता मुस्तफ़ा बाली के मुताबिक़ उनके सुरक्षाबलों ने तुर्की के हमले के बाद जवाबी कार्रवाई की है. उत्तरी-पूर्वी सीरिया से अपने सैनिक वापस बुलाने के फ़ैसले पर अमरीका की कड़ी आलोचना हो रही है. हालांकि अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि अमरीका ने तुर्की के फ़ैसले को ग्रीन सिग्नल नहीं दिया था.

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