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पुनर्जीवित हुआ राफेल मामला

पुनर्जीवित हुआ राफेल मामला

Date : 14-Apr-2019
कुछ रोज पहले एक टीवी चैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू चला। इस दौरान एंकर ने राफेल मामले पर सवाल पूछ दिया। मोदी इससे नाराज नज़र आए। फिर तीखे अंदाज में जवाबी सवाल किया कि क्या आपको सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं है। जाहिर है, उनका इशारा इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसले की तरफ था। उसे सरकार और सत्ताधारी दल ने क्लीन चिट माना था। तब आए फैसले को सरकार की बहुत बड़ी जीत समझा गया। लेकिन अब वह सब कुछ पलट गया है। सुप्रीम कोर्ट मामले में दायर पुनर्विचार याचिका की सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। उसने सरकार की यह दलील ठुकरा दी है कि ऑफिशियल सिक्रेट ऐक्ट के तहत आने वाले लीक हुए दस्तावेज सुनवाई का आधार नहीं हो सकते। इससे सरकार और सत्ताधारी दल के पांव तले से जमीन खिसक गई है। जाहिर है, राफेल मामले में गोपनीय दस्तावेजों को आधार बनाकर सुनवाई करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने राफेल मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश तीन अहम दस्तावेजों को आधार बनाकर सुनवाई करने की मंजूरी दे दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने कहा- हम केंद्र की ओर से समीक्षा याचिका की स्वीकार्यता पर उठाई प्रारंभिक आपत्ति को खारिज करते हैं। कोर्ट ने मामले में लीक हुए दस्तावेज पर केंद्र सरकार के गोपनीयता के दावे को ठुकाराते हुए कहा कि जो नए दस्तावेज पब्लिक डोमेन में मौजूद हैं, उसको आधार बनाते हुए याचिकाओं पर आगे की सुनवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट राफेल मामले में दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई के लिए नई तारीख तय करेगा। इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान केन्द्र की ओर से अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने फ्रांस के साथ हुए राफेल सौदे से संबंधित दस्तावेजों की गोपनीयता का दावा किया था। केंद्र ने दलील दी थी कि सूचना के अधिकार कानून की धारा 8 1ए के अनुसार भी इस जानकारी को सार्वजनिक करने से छूट प्राप्त है। पुनर्विचार याचिका दायर करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण का कहना था कि नए दस्तावेज बेहद महत्वपूर्ण हैं, लिहाजा इन पर विचार किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार कर लिया है। इससे ये सारा मामला पुर्जीवित हो गया है। 

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