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आपके लुक्स से तय होती है आपकी शख़्सियत

आपके लुक्स से तय होती है आपकी शख़्सियत

Date : 10-Jul-2019
10 जुलाई 2019 इंसान की शख़्सियत कई चीज़ों के मेल से बनती है. इसमें सबसे बड़ा रोल हमारी पढ़ाई-लिखाई और रहन-सहन का होता है. इसके बाद नंबर आता है लिबास का. आप कैसे कपड़े पहनते हैं, इसका आपकी शख़्सियत पर बहुत गहरा असर पड़ता है. पर, बात यहीं पर नहीं ख़त्म होती. एक और चीज़ बहुत अहम हैं, वो हैं इंसान के नैन-नक़्श और क़द-काठी. दूसरे के साथ आपका बर्ताव भी शख़्सियत का अहम हिस्सा होता है. रिसर्च बताती हैं कि हमारा चेहरा-मोहरा न सिर्फ़ सामने वाले पर असर डालने में अपना रोल निभाता है. बल्कि, ये शख़्सियत के बहुत से पहलुओं पर भी असर डालते हैं. इससे हमारी सोच भी प्रभावित होती है. यहां तक कि रूमानी रिश्ते बनाने में भी हमारे चेहरे-मोहरे का अहम रोल होता है. जैसे कि बातूनी लोगों का सामाजिक दायरा काफ़ी बड़ा होता है. क्योंकि वो सबसे बात-चीत करते हैं. विचारों का आदान-प्रदान करते हैं. इससे उन्हें ख़ुद भी अपनी अलग विचारधारा बनाने में मदद मिलती है. इससे उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ता है, और उनके व्यक्तित्व में निखार आता है. एक जर्मन यूनिवर्सिटी की रिसर्च के मुताबिक़ जो लोग लंबे-चौड़े और सेहतमंद होते हैं, वो बोलने वाले भी ज़्यादा होते हैं. क्योंकि उनके ज़हन में कहीं ना कहीं ये बात होती है कि वो जिस्मानी तौर पर दूसरे से बेहतर हैं. और बेहतरी का यही एहसास उनमें आत्मविश्वास जगाता है. लेकिन, यही बात औरतों पर इसके उलट लागू होती है. अगर महिलाएं लंबे-चौड़े शरीर वाली होती हैं, तो ये उनमें आत्मविश्वास कम कर देता है. क्योंकि दुनिया भर में आम तौर से महिलाएं मर्दों के मुक़ाबले दुबले-पतले शरीर और कम लंबाई वाली होती हैं. ऐसे में अगर किसी महिला का शरीर आम महिलाओं से हटकर होता है, तो ये उसके ख़िलाफ़ जाता है. दरअसल शारीरिक शक्ति, ज़्यादा बोलना और आक्रामकता के बारे में रिसर्च मर्दों को ज़हन में रखकर हुई हैं. क्योंकि विकासवादी सिद्धांत के मुताबिक़ समाज में अन्य प्रजातियों से लड़कर परिवार बनाने का काम हमेशा से मर्द का रहा है. इसीलिए लहीम-शहीम और ताक़तवर आदमियों को समाज में अलग नज़र से देखा जाता है. उनके शरीर की बनावट उन्हें समाज में अलग रुतबा दिलाती है. कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी में मर्द और औरत दोनों को ज़हन में रखकर शारीरिक मज़बूती और खुलकर विचार रखने के पहलुओं पर रिसर्च हुई. लेकिन, इस रिसर्च में भी मर्दों का पलड़ा भारी पाया गया. एक रिसर्च तो यहां तक कहती है कि मज़बूत शरीर और अच्छे नैन-नक़्श वाले मर्द महिलाओं के साथ जल्दी घुल-मिल जाते हैं. अगर इतिहास पर भी नज़र डालें, तो हम पाते हैं कि हमारे जितने भी पूर्वज शारीरिक रूप से ज़्यादा सक्षम और अच्छी शख़्सियत के मालिक रहे हैं, उनके बच्चे भी ज़्यादा रहे हैं. हालिया रिसर्च भी इस ओर इशारा करती हैं कि ऐसे मर्दों को अपना रोमांटिक पार्टनर ज़्यादा जल्दी मिल जाते हैं. उनके कई रूमानी रिश्ते बनने की संभावना होती है. इसी वर्ष प्रकाशित होने वाली एक रिसर्च तो ये भी दावा करती है कि शारीरिक रूप से मज़बूत मर्द की सोच सियासी मामलों में भी अलग होती है. इस रिसर्च में अमरीका, डेनमार्क और वेनेज़ुएला जैसे 12 देशों के पुरुष शामिल थे. रिसर्च में पाया गया कि शारीरिक रूप से आकर्षक और दमदार शख़्सियत वाले ज़्यादातर पुरुष राजनीतिक समतावाद के ख़िलाफ़ थे. जबकि महिलाओं के संबंध में ऐसी रिसर्च के नतीजे मिले-जुले हैं. हम अक्सर सोचते हैं कि हमारे विचार, रिश्तों में कमिटमेंट, दूसरों के साथ बर्ताव, सियासी विचारों में लेफ़्ट या राइट विंग होना या तो हमारे दिमाग़ का खेल होता है. या फिर कोई रूहानी ताक़त हम से ऐसा कराती है. लेकिन हाल की रिसर्च के मुताबिक़ शख़्सियत के इन पहलुओं पर शारीरिक बनावट और चेहरे मोहरे का भी गहरा असर होता है. हालांकि अभी इस तरह की रिसर्च भी विवादों के दायरे में हैं.

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