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सेरेना विलियम्स की ताक़त का क्या राज है?

Date : 16-Sep-2019
एकल ख़िताब में अपना 24वां ग्रैंड स्लैम जीतने के मुकाबले यूएस ओपेन 2019 में सेरेना विलियम्स का सफ़र कई मायनों में बहुत यादगार रहा है. ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज महिला खिलाड़ी मार्गरेट कोर्ट स्मिथ के 24वें ग्रैंड स्लैम ख़िताब के साथ आज सेरेना बराबरी पर खड़ी हैं. टेनिस के शीर्ष पर अपनी ताक़त को बरक़रार रखना दिलचस्प हैः ये वही टूर्नामेंट है जिसमें इस अमरीकी खिलाड़ी ने 20 साल पहले अपना पहला ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीता था. साल 1968 में इस खेल के व्यवसायीकरण के बाद से अब तक कोई भी पुरुष या महिला खिलाड़ी ऐसा नहीं है जिसने ओपन में लगातार ऐसा प्रदर्शन किया हो. उम्र की ढलान पर खेल का शिखर 37 साल और 11 महीने की उम्र में सेरेना विलियम्स ने टेनिस कैलेंडर के चार मुख्य टूर्नामेंटों (ऑस्ट्रेलियाई ओपन, फ्रेंच ओपन, विम्बलडन और यूएस ओपन) में से एक को जीता. और इस तरह वो ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज केन रोज़वाल के क़रीब पहुंच गई हैं जिन्होंने 37 साल दो महीने की उम्र में 1972 में ऑस्ट्रेलियाई ओपन जीता था. तारीफ़ की बात है कि किस तरह उन्होंने सितम्बर 1999 में मार्टिना हिंगिस पर न्यूयॉर्क में पहली जीत के बाद अपने सफ़र को आगे बढ़ाया. 1999 से 2010 तक उन्होंने 13 ग्रैंड स्लैम जीते. अगले 10 ग्रैंड स्लैम 2012 से 2017 के बीच उनके खाते में आए जब वो अपनी ज़िन्दगी के तीसरे दशक में दाखिल हो चुकी थीं. साल 2017 के अंत में जारी डब्लूटीए रैंकिंग में सेरेना फ़ेहरिस्त में शामिल 100 खिलाड़ियों में से उन तीन खिलाड़ियों में से एक थीं जो 30 साल के ऊपर के थे. सेरेना के ख़िलाफ़ कोर्ट में उतरने वाले खिलाड़ियों की औसत उम्र 25 साल है. एक नई शुरुआत गुरुवार को यूक्रेन की खिलाड़ी एलीना स्वेतोलिना को हराने के बाद सेरेना ने कहा, मैं इन अंकों के बारे में नहीं सोचती. मैं यहां जितना अच्छा हो सके वैसा प्रदर्शन करने आई हूं. 20 साल से यहां हूं और अब भी खेल रही हूं. पर उन्होंने ये दूसरी पारी की सफलता कैसे पाई? इसके पीछे दो मुख्य नाम हैं, पैट्रिक मोराटोग्लो और मेकी शिल्स्टन. पहला नाम वो फ़्रांसिसी कोच हैं जिन्हें सेरेना ने 2012 में फ्रेंच ओपन में पहली बार शुरुआती राउंड में ही हार के बाद चुना था. इस कोच ने इस अमरीकी खिलाड़ी के खेल को संवारने में मदद की. शिल्स्टन निजी ट्रेनर हैं जिन्होंने पहले भी सेरेना के साथ काम किया था. पर 2011 में जब सेरेना अपनी खराब सेहत से जूझ रही थीं तब शिल्स्टन ने उन्हें नयी दिशा दी. ये वही साल था जब सेरेना अपने फेफड़ों में एक खतरनाक क्लॉट और पैर में लगी चोट से जूझ रही थीं. मां बनना इस बीच सेरेना मां भी बनीं. इसका ये मतलब बिलकुल नहीं है कि सेरेना अविजित ही रहीं. जनवरी 2017 में ऑस्ट्रेलियाई खिताब जीतने के बाद सेरेना ने लगातार अगले तीन ग्रैंड स्लैम के फाइनल हारे. नाओमी ओसाका से 2018 में यूएस ओपन में हार के बाद अंपायर कार्लोस रामोस पर गुस्सा निकालने और आगाह किये जाने ने उस मैच को एक अलग महत्त्व दे दिया. हालांकि, सेरेना 2019 में विम्बलडन फ़ाइनल में पहुंचीं लेकिन उन्हें इस साल एक टूर्नामेंट जीतना अभी भी बाकी है. आज वो विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर हैं जो किसी प्लेयर के लिए काफी सम्मानजनक स्थान है, पर सेरेना के लिहाज़ से ये कम ही है. इस अमरीकी खिलाड़ी ने जब दो साल पहले ऑस्ट्रेलियाई ओपन जीता था तब वो दो माह की गर्भवती थीं जिसके बाद वो आठ माह तक अपनी बेटी अलेक्सिस ओलम्पिया ओहनियन जूनियर के जन्म के कारण खेल से दूर रहीं. 2018 में सेरेना ने वापसी की और फ्रेंच ओपन में पहला राउंड खेला. उस वक़्त सेरेना विश्व रैंकिंग में 451वें स्थान पर थीं. ये यात्रा किसी कविता से कम नहीं है, जिसमें वो न्यूयॉर्क में अपने 24वें खिताब तक पहुंचीं. साथ ही उन्होंने अपने पहले खिताब के ठीक 20 साल पूरे किए. ये फ्लशिंग मेडोस कॉम्प्लेक्स ही 2018 के उस लम्हे का साक्षी रहा जब अपने प्रशंसकों के सामने उनकी इमेज किसी खलनायिका सी हो गई थी. क्या ये ही वो जगह बनेगी जहाँ अपने 25वें खिताब की जीत के लिए सेरेना झुककर सबका अभिवादन करेंगी! कुछ कहा नहीं जा सकता, पर यकीनन अगले कुछ दिन उनके ज़ेहन में ये सब ज़रूर चलेगा.
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धोनी दोबारा क्रिकेट पिच पर नहीं दिखेंगे?

Date : 16-Sep-2019
भारत क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी विश्वकप सेमीफ़ाइनल में मिली हार के बाद से क्रिकेट मैदान से बाहर हैं. उनकी रिटायरमेंट के बारे में अलग-अलग अटकलें लगाई जा रही हैं. लेकिन फ़िलहाल धोनी और बीसीसीआई दोनों ही इस मामले में चुप्पी साधे बैठे हैं. दक्षिण अफ़्रीका के साथ शुरू हुई टी-20 सिरीज़ की टीम में भी धोनी नदारद हैं, इस सिरीज़ का पहला मैच बारिश से धुल चुका है. इससे पहले वेस्ट इंडीज़ के पूरे दौरे में धोनी टीम से बाहर रहे. क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन का मानना है कि धोनी के खेल पर सस्पेंस की कोई वजह नहीं होनी चाहिए. मेमन कहते हैं, धोनी आगे खेलेंगे या नहीं यह फ़ैसला उन्हें ख़ुद लेना है. जब वो यह फ़ैसला कर लेंगे तो अपने आप सामने आकर सभी को बता देंगे. इस पर सस्पेंस जैसी बात का कोई तुक नहीं है. कोहली ने बढ़ाया सस्पेंस? विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में न्यूज़ीलैंड के हाथों हारकर बाहर होने की बात अब पुरानी हो चुकी है. उसके बाद भारत वेस्ट इंडीज़ को टी-20, एकदिवसीय और टेस्ट सिरीज़ में हरा चुका है यानि तीनों ख़ाने चित कर चुका है. लेकिन चौथा ख़ाना यानि धोनी की याद आना अभी भी जारी है. पिछले दिनों सुबह से शाम तक अटकलों का बाज़ार गरम रहा कि कहीं धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का शटर बंद तो नहीं करने जा रहे हैं. हालांकि यह महज़ अफ़वाह साबित हुई. दरअसल इस अफ़वाह की वजह बने भारत के कप्तान विराट कोहली. उन्होंने एक तस्वीर क्या पोस्ट की दुनिया में फसाना ही बन गया. विराट कोहली ने एक फोटो शेयर करते हुए लिखा है, मैं ये मैच कभी नहीं भूल सकता. वो विशेष रात थी. इस आदमी ने मुझे फ़िटनेस टेस्ट की तरह भगाया था. A game I can never forget. Special night. This man, made me run like in a fitness test  @msdhoni  pic.twitter.com/pzkr5zn4pG — Virat Kohli @imVkohli 12 सितंबर 2019 दरअसल कोहली इस तस्वीर में धोनी के सजदे में झुके नज़र आए हैं और यह तस्वीर 2016 के वर्ल्ड टी-20 मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भारत की शानदार जीत की है. इस मुक़ाबले में भारत ने धोनी-कोहली के सिंगल्स और डबल्स की बदौलत 161 रनों का मुश्किल लक्ष्य हासिल किया था. कोहली के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया में इस बात की अफ़वाह तेज़ी से फैली है कि एमएस धोनी अपने संन्यास की घोषणा कर सकते हैं. हालांकि एमएस धोनी की पत्नी साक्षी सिंह धोनी ने कुछ ही देर बाद ट्वीट करते हुए इसे अफ़वाह बता दिया. @SaakshiSRawat Its called rumours ! — Sakshi Singh @SaakshiSRawat 12 सितंबर 2019 धोनी की जगह कौन? कोहली के ट्वीट के बाद धोनी के अलावा कई लोगों ने सोचा कि धोनी ने दस्ताने और बैट खूंटी पर टांग दिए. वैसे भले ही यह अफवाह हो लेकिन यह सवाल तो उठता ही है कि अगर अभी नहीं भी टांगे तो कब तक? इसके जवाब में अयाज़ मेमन कहते हैं, धोनी को कब तक खेलना है, यह धोनी और चयनकर्ताओं को तय करना है. अगर चयनकर्ताओं को लगता है कि अब धोनी की जगह टीम में नहीं बनती हैं तो उन्हें धोनी से इस संबंध में बात करनी चाहिए. इसके साथ ही उन्हें यह भी देखना होगा कि धोनी की जगह कौन ले सकता है धोनी की जगह कौन लेगा यह एक बहुत बड़ा सवाल है. बीते कुछ महीनों से इसके जवाब के तौर पर ऋषभ पंत को तैयार किया जा रहा है. महेंद्र सिंह धोनी टेस्ट क्रिकेट तो छोड़ चुके हैं इसलिए धोनी की तुलना पंत से केवल एकदिवसीय और टी-20 में ही हो सकती है. विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट में धोनी और पंत साथ-साथ खेले. पिछले दिनों वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ धोनी को खेले नहीं लेकिन ऋषभ पंत भी वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ एकदिवसीय सिरीज़ में चल नहीं सके. हालांकि टी-20 सिरीज़ के एक मैच में उनके बल्ले से नाबाद 65 रन निकले थे. उससे पहले आठ मैचों में उनके बल्ले से 0,4,नाबाद 40,28,3,10,4 यह टेलिफोन नम्बर जैसे रन निकले. यह रन बताते हैं कि क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप में पंत धोनी की जगह तो क्या परछाई तक नहीं हैं. क्यों हैं धोनी अहम? महेंद्र सिंह धोनी की अहमियत अब भी टीम इंडिया में क्यों बनी हुई है. इस बारे में टीम के कप्तान विराट कोहली ख़ुद कई बार जवाब दे चुके हैं. विराट कह चुके हैं कि धोनी उनकी टीम में सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं और अनुभव का कोई मोल नहीं है. कोई माने या ना माने अनुभव को कोई क़ीमत नहीं होती और जब तक धोनी खेलना चाहें तब तक वह टीम के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे. अब जबकि भारतीय टीम का लक्ष्य अगले साल होने वाले विश्व टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए सही टीम का चुनाव करना है तब तक क्या कोई उनकी तरह ज़िम्मेदारी से क्रिकेट खेलता है या नहीं यह भी देखना होगा. नहीं तो धोनी को लेकर लोग कह सकते हैं, ऐसे बुरे तुम भी नहीं.
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सरीना विलियम्स को हराकर बियांका एंड्रीस्कू ने जीता यूएस ओपन

Date : 08-Sep-2019
8 सितंबर 2019 कनाडाई खिलाड़ी बियांका वैनेसा एंड्रीस्कू ने यूएस ओपन के फ़ाइनल में सरीना विलियम्स को हरा दिया है. यह 19 साल की बियांका का पहला ग्रैंड स्लैम टाइटल है. फ़ाइनल में उन्होंने अमरीका की 37 वर्षीया सरीना को 6-3, 7-5 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की. 15वीं वरीयता वालीं बियांका पहली बार यूएस ओपन खेल रही थीं. पिछले साल वह क्वॉलिफ़ाइंग के पहले दौर में ही बाहर हो गई थीं. मैच जीतने के बाद बियांका ने कहा, यह साल ऐसा रहा है मानो कोई सपना पूरा हो गया हो. मैं बहुत ख़ुश हूं. इस पल के लिए मैंने बहुत मेहनत की है. इस स्तर पर आकर महान खिलाड़ी सरीना के ख़िलाफ़ खेलना ग़ज़ब की बात है. कई उपलब्धियां एकसाथ बियांका का खेल पूरे टूर्नामेंट में आत्मविश्वास भरा रहा और इसी कारण वह एक स्टार बनकर उभरीं. बियांका ग्रैंड स्लैम जीतने वालीं पहली कनाडाई खिलाड़ी बन गई हैं.15 साल बाद वह मौका आया है जब किसी नई टीनेजर खिलाड़ी ने पहला ग्रैंड स्लैम अपने नाम किया. बियांका से पहले साल 2004 में रूस की मारिया शारापोवा ने 17 साल की उम्र में विम्बलडन जीता था.इसके बाद मारिया शारापोवा ने 2006 में 19 साल की उम्र में यूएस ओपन सिंगल्स टाइटल अपने नाम किया था. अब बियांका ने भी 19 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की है. क्या बोलीं सरीना अब तक 23 सिंगल्स ग्रैंड स्लैम जीत चुकीं सरीना विलियम्स की बड़े फ़ाइनल्स में यह लगातार चौथी हार है. मैच के बाद उन्होंने प्रशंसकों का आभार प्रकट किया और बियांका के खेल की तारीफ़ की सरीना ने कहा, मैं मुक़ाबले में टिकी रहना चाह रही थी और इस बीच प्रशंसकों ने मेरा मनोबल बढ़ाना शुरू कर दिया. इससे मुझे बेहतर खेलने में और टक्कर देने में मदद मिली. इसके लिए मैं आपकी शुक्रगुज़ार हूं. बियांका ने कमाल का खेल दिखाया. बहुत बधाई. मुझे आप पर गर्व है और मैं बहुत ख़ुश हूं. 20 साल पहले साल 1999 में सरीना विलिम्यस ने यूएस ओपन में उस समय की नंबर 1 खिलाड़ी मार्टिना हिंगिस को हराकर पहला बड़ा ख़िताब अपने नाम किया था.
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रवि शास्त्री टीम इंडिया के कोच बने रहेंगे

Date : 16-Aug-2019
नई दिल्ली 16 अगस्त वि शास्त्री टीम इंडिया के कोच बने रहेंगे. रवि शास्त्री को कपिल देव की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय समिति ने भारतीय क्रिकेट टीम का कोच चुना है. कपिल देव के अलावा इस समिति में अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी भी शामिल थीं. इमेज कॉपीरइटREUTERS कपिल देव ने रवि शास्त्री को क्रिकेट कोच बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि इस दौड़ में न्यूज़ीलैंड के माइक हेसन दूसरे स्थान पर रहे जबकि ऑस्ट्रेलियाई टॉम मूडी तीसरे स्थान पर रहे. रवि शास्त्री 2017 में चैंपियंस ट्रॉफ़ी की समाप्ति के बाद से ही टीम इंडिया के हेड कोच बने हुए हैं. बतौर कोच शास्त्री के समय में टीम इंडिया टेस्ट और वनडे रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंची है. इसके अलावा टीम इंडिया ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराने का करिश्मा कर दिखाया. हालांकि उनकी अगुवाई में टीम 2019 का वर्ल्ड कप नहीं जीत सकी, जहां उसे न्यूज़ीलैंड के हाथों सेमीफ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा था. शास्त्री कैसे बने कोच? रवि शास्त्री के अब तक के कार्यकाल में भारतीय टीम ने अब तक 60 वनडे मैचों, 21 टेस्ट मैचों और 36 टी-20 मैच खेले हैं. इसमें टीम इंडिया 43 वनडे, 13 टेस्ट और 25 टी-20 मुक़ाबलों में जीत हासिल की है. शास्त्री का पलड़ा किन वजहों से भारी रहा, ये सवाल पूछे जाने पर समिति में शामिल अंशुमन गायकवाड़ ने बताया, "शास्त्री को सिस्टम के बारे में और टीम के खिलाड़ियों को अच्छे से पता है. उनकी टीम के खिलाड़ियों से अच्छा संवाद है और उनकी कम्यूनिकेशन स्किल भी बहुत अच्छी है." वहीं कपिल देव ने बताया, "पहले तीनों में बहुत अंतर नहीं रहा. हमलोगों ने 100 में अपने अपने अंक इन कोचों को दिए. आपस में कोई बात नहीं की. शास्त्री को मामूली बढ़त ही मिली थी. हेसन और मूडी भी अच्छे कोच हैं." बताया जा रहा है कि अगले कोच को 2021 के आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप तक का कार्यकाल दिया जाएगा. यानी अगले दो सालों के लिए रविशास्त्री के जिम्मे ही भारतीय क्रिकेट को तराशने का काम रहेगा.
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रंगीन मिजाजी क्रिस गेल

Date : 15-Aug-2019
वेस्टइंडीज़ के क्रिकेटर क्रिस गेल ((Chris Gayle) क्रिकेट प्रेमियों को झटके पर झटका दे रहे हैं. वो कभी संन्यास लेने की बात करते हैं, तो कभी मूकर जाते हैं. वेस्टइंडीज़ के धाकड़ बल्लेबाज़ क्रिस गेल (Chris Gayle) अपने मन के मालिक हैं. क्रिकेट पिच पर धमाल मचाने वाले गेल कब क्या कर देंगे किसी को कुछ भी नहीं पता. वो क्रिकेट प्रेमियों को झटके पर झटका दे रहे हैं. वो कभी संन्यास लेने की बात करते हैं, तो कभी मूकर जाते हैं. रंगीन मिजाज के गेल की पर्सनल लाइफ भी हमेशा सूर्खियों में रहती है. इतना ही नहीं एक बार ऑस्ट्रेलिया में मैच के दौरान एक महिला प्रजेंटर से खराब व्यवहार को लेकर भी गेल की आलोचना हुई थी. आईए एक नज़र डालते हैं उनके गर्लफ्रेंड्स की लंबी लिस्ट पर. शर्लिन चोपड़ा शर्लिन चोपड़ा से गेल के रोमांस की खबरें साल 2010 में आईपीएल के दौरान आई थी. गेल और शर्लिन को कोलकाता में लेटनाइट पार्टी में डांस करते हुए देखा गया. इन दोनों का डांस यूट्यूब पर काफी वायरल हुआ था. शर्लिन भारत की एक मॉडल है. उन्होंने प्ले बॉय मैगजीन के लिए न्यूड पोज दिया था. हालांकि, शर्लिन ने बाद में गेल के साथ अफेयर से इनकार किया था. शर्लिन ने ये माना था कि गेल ने उन्हें डेटिंग का ऑफर दिया था.
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रोते हुए रिटायर हुईं सेरेना विलियम्स

Date : 12-Aug-2019
यूएस ओपन (US Open) की तैयारियों के लिए टोरंटो (Toronto) में खेले जा रहे रोजर्स कप (Rogers Cup) में खेलने उतरी सेरेना विलियम्स (Serena Williams) को खिताबी मुकाबले में निराशा हाथ लगी. सेरेना को रोजर्स कप के फाइनल में कनाडा की बियांका आंद्रेस्‍क्यू के खिलाफ पहले सेट के दौरान ही रिटायर होना पड़ा. उन्हें पीठ में दर्द की समस्या के चलते बीच मैच से हटने को मजबूर होना पड़ा. इस दौरान सेरेना दर्द के चलते रोने लगीं. अमेरिका की टेनिस दिग्गज सेरेना विलियम्स यूएस ओपन की तैयारियों के मद्देनजर इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही थीं. जिस समय सेरेना मुकाबले से हटीं, उस समय बियांका 3-1 से आगे चल रही थीं. सेरेना भी एकदम ठीक नजर आ रही थीं, लेकिन तभी वह रोने लगीं और उन्होंने मैच के बीच से रिटायर होने का फैसला किया. सेरेना का लक्ष्य रिकॉर्ड 24वें ग्रैंडस्लैम खिताब पर कब्जा जमाने का है. यूएस ओपन 26 अगस्त से शुरू हो रहा है. मैच के बाद सेरेना ने कहा कि मुझे माफ कर दीजिए कि मैं कुछ नहीं कर सकी. मैंने काफी कोशिश की, लेकिन मैं खेलना जारी नहीं रख सकी. इस दौरान काफी भावुक हुईं सेरेना ने कहा कि यह साल काफी मुश्किल रहा, लेकिन मैं कोशिश करना जारी रखूंगी. 37 साल की सेरेना विलियम्स पहले घुटने की चोट के चलते कोर्ट से दूर रहीं थीं, उससे उबरने के बाद उन्होंने इस टूर्नामेंट के लिए खुद को फिट करार दिया था. 2018 में मां बनने के बाद वापसी करने के बाद से छह बार की यूएस ओपन चैंपियन सेरेना ने एक भी खिताब नहीं जीता है. सेरेना के मैच छोड़ने के बाद उनकी प्रतिद्वंद्वी बियांका उनके पास गईं और उन्हें सांत्वना दी. बियांका ने कहा कि मुझे सेरेना के लिए काफी खराब महसूस हो रहा है. पिछले साल मुझे भी चोटों का सामना करना पड़ा था और मैं उनकी तकलीफ समझती हूं. 19 साल की बियांका ने कहा कि कई बार आप खुद को प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन सेरेना आज ऐसा नहीं कर सकीं. मैं उनके जल्द फिट होने की कामना करती हूं.
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उन्हें खुद नहीं पता कि वे कब रिटायर होंगे , लेफ्टीनेंट कर्नल महेन्द्र सिंह धोनी

Date : 04-Aug-2019
लेफ़्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी कश्मीर में सेना के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं और 31 जुलाई से 15 अगस्त तक गार्ड और पैटरोलिंग की भूमिका निभा रहे हैं. देश के लिए धोनी का सेवाभाव सराहनीय है और युवाओं के लिए प्रेरणादायी भी लेकिन भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी वेस्ट इंडीज़ में टीम के साथ नहीं हैं. इस सिरीज़ से खुद को अलग कर लिया था. ऐसा क्यों? आइसीसी के दो वर्ल्ड कप जीतने वाले इकलौते कप्तान धोनी कुछ ऐसे सवालों के साथ जूझ रहे हैं जिनका जवाब अगर उनसे आए तो अच्छा होता. सबसे बड़ा सवाल है कि क्या वो अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को उन्हें अलविदा कह देना चाहिए? धोनी ने कहा कि उन्हें खुद ही पता नहीं है कि वो कब रिटायरमेंट लेंगे. बात ठीक है, इतना हक़ तो उनका बनता है. लेकिन क्रिकेट के इतिहास में फ़ैसले दिल से नहीं बल्कि दिमाग़ से लिए जाते रहे हैं. वीवीएस लक्ष्मण धोनी के साथ खेलने वाले भारतीय क्रिकेट के कई दिग्गजों का टीम के साथ आखिरी वक्त वैसा नहीं था जैसा उन्होंने सोचा होगा. वीवीएस लक्ष्मण से बड़ा जेंटलमैन क्रिकेटर शायद ही कोई टीम में रहा होगा. टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे शानदार पारियों में से एक खेलने वाले वीवीएस ने जब 2012 में अचानक संन्यास की घोषणा की तो मानो हड़कंप मच गया. हैदराबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे सवाल पूछा गया कि क्या उन्होंने कप्तान धोनी को इसके बारे में बताया तो उन्होंने मुस्कुरा कर कहा था कि धोनी से संपर्क करना कितना मुश्किल है सब जानते हैं. हालांकि बाद में लक्ष्मण ने अपनी आत्मकथा 281 नॉट आउट में लिखा कि इस बात को मीडिया ने ग़लत तरीके से तोड़ मरोड़ कर पेश किया. लेकिन कई पूर्व खिलाड़ियों ने उस वक्त धोनी की आलोचना की और कहा कि वो कप्तान कैसा जो टीममेट की ही न सुने? तो क्या सचमुच धोनी ऐसे कप्तान हैं जो खिलाड़ियों की नहीं सुनते थे? युवा खिलाड़ियों की सुनें तो जवाब ठीक विपरीत मिलेगा. लेकिन लक्ष्मण सरीखे कई सीनियर खिलाड़ियों को, खासकर उनके आखिरी दिनों में, बेहतर ट्रीटमेंट की उम्मीद रही होगी. सहवाग और गंभीर 2011-12 की ऑस्ट्रेलियाई सिरीज़ में भारत को टेस्ट में 4-0 से करारी हार मिली. अब तैयारी वनडे सिरीज़ की हो रही थी. कप्तान धोनी ने टीम मीटिंग बुलाई. संदेश दिया गया कि गंभीर, सहवाग और सचिन तीनों 30 के ऊपर हैं और तीनों को साथ खिलाने से फील्डिंग पर असर पड़ेगा. हालांकि गंभीर ने उस सिरीज़ में युवा विराट कोहली के बाद सर्वाधिक रन बनाए लेकिन इसके बाद गंभीर और सहवाग ज़्यादा नहीं खेल सके. क्या ये महज़ इत्तेफाक था या सचमुच टीम को अब दोनों की ज़रूरत नहीं थी? मत भूलिए कि गंभीर के पास अभी भी काफी वक्त था. 2011 के वर्ल्ड कप में गंभीर भारत के सर्वाधिक रन स्कोरर थे. क्या इस उपलब्धि के एक साल के भीतर ही वो टीम के लिए नाकाबिल हो गए? गंभीर ने बाद में कहा कि उन्हें बड़ा सदमा लगा था. उन्होंने धोनी पर सवाल उठाते हुए कहा था कि 2012 में कोई कैसे कह सकता था कि फलां खिलाड़ी 2015 के वर्ल्ड कप में नहीं खेल सकता? युवराज सिंह के पिता और पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने तो यहाँ तक कहा कि गंभीर, सहवाग और युवराज को टीम से निकालने में धोनी ने बड़ी भूमिका निभाई. गांगुली और द्रविड़ फील्डिंग को वजह बताकर धोनी ने 2008 के ऑस्ट्रेलियाई सिरीज़ से पहले गांगुली और राहुल द्रविड़ की वनडे से छुट्टी करा दी थी. फ़ैसला सही था क्योंकि इसने 2011 की वर्ल्ड कप विजेता टीम की नींव रखी थी. क्या धोनी इस लॉजिक को आज भूल गए हैं? वीरेंदर सहवाग ने एक इंटरव्यू में बताया कि क्यों युवा धोनी अपने करियर के लिए कप्तान गांगुली को धन्यवाद दें. उन्होंने बताया कि धोनी करियर में कुछ पहली पारियों में असफल रहे थे. गांगुली ओपनिंग पोजीशन सहवाग के लिए छोड़ कर तीन नंबर पर बैटिंग कर रहे थे. उन्होंने कुछ पारियों में नंबर तीन भी धोनी के लिए छोड़ दिया था. हम सब जानते हैं किस तरह धोनी ने फिर विशाखापट्टनम में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ विस्फोटक शतक लगाकर अपनी जगह पक्की की थी. शायद इसी कहानी में धोनी के लिए कुछ दिशाएं छुपे हैं. कब होंगे रियाटर? धोनी अब वो बल्लेबाज़ नहीं हैं जिनसे दुनिया खौफ़ खाती है. वर्ल्ड कप के दौरान उनकी कुछ धीमी पारियों ने टीम को जीत नहीं दिलाई. वो सिचुएशन जहाँ धोनी से बेहतर कोई फिनिशर नहीं था वहाँ अब वे चूकने लगे हैं. तो क्यों न धोनी ये आवाज़ सुनें और खुद ही रिटायरमेंट की घोषणा कर दें? धोनी ने कहा कि उन्हें खुद नहीं पता कि वे कब रिटायर होंगे. शायद उनके दिमाग में अगले साल का टी20 वर्ल्ड कप हो. वे चाहते हों कि जीत के साथ ही उनके करियर का अंत हो. लेकिन अतीत में कई ऐसे फ़ैसले हुए हैं जिनमें खिलाड़ियों को लगा होगा की उन्हें ठीक से रिटायर होने का मौका नहीं मिला. धोनी के पास इस शिकायत से बचने का मौका है.
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वेस्टइंडीज़ की टीम थोड़ी कमज़ोर दिखती है, भारतीय टीम को उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए.

Date : 03-Aug-2019
क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के बाद भारतीय टीम वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ मुक़ाबला करने को तैयार है. शुरुआती दो टी-20 मुक़ाबला अमरीका में खेलने का बाद भारतीय टीम मेज़बान वेस्ट इंडीज़ के साथ आखिरी टी-20, तीन वनडे और दो टेस्ट उसी की सरजमीं पर खेलेगी. वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में मिली हार के बाद भारतीय टीम के अंदर मतभेदों को लेकर ख़बरों का बाज़ार काफी गरम रहा. कप्तानी, कोचिंग के अलावा टीम में अंदरूनी टकराव की बातें भी सामने आईं. ऐसे में वेस्ट इंडीज़ का यह दौरा बहुत महत्वपूर्ण है. वैसे रैंकिंग के लिहाज़ से देखें तो भारतीय टीम के सामने वेस्ट इंडीज़ की टीम काफ़ी हल्की दिखती है. टी-20 में वेस्ट इंडीज़ वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी है लेकिन वर्तमान रैंकिंग में वह नौवें पायदान पर है, जबकि भारत पांचवें पर काबिज है. खेल के इस प्रारूप में भारतीय टीम कई नए चेहरों के साथ उतर रही है, मसलन दीपक चाहर, राहुल चाहर, ख़लील अहमद, नवदीप सैनी, क्रुणाल पांड्या, वॉशिंगटन सुंदर, मनीष पांडे और श्रेयस अय्यर. 2020 में टी-20 वर्ल्ड कप होने वाला है. ऐसे में इन नए खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नज़रें बनी रहेंगी. वनडे में भी रैंकिंग के लिहाज से भारत दूसरे तो वेस्ट इंडीज़ नौवें पायदान पर है. हालांकि इसमें दोनों का प्रदर्शन मिला जुला रहा है. इसलिए पहले से कोई अनुमान लगाना मुश्किल है. टेस्ट मैच में भारत नंबर वन है और वेस्ट इंडीज़ आठवें पायदान पर है. मौजूदा दौरे में दो टेस्ट मैच खेले जाने हैं और ये मुकाबला दिलचस्प हो सकता है क्योंकि अभी कुछ महीने पहले ही इसी वेस्ट इंडीज़ टीम ने इंग्लैंड को टेस्ट मैच में हराया था और सिरीज़ जीती थी. टेस्ट मैच के मामले में भारतीय खिलाड़ियों के सामने कुछ चुनौतियां हैं. जैसे अजिंक्य रहाणे वापस आ रहे हैं और वो टीम के उप कप्तान भी हैं. वो काफ़ी अरसे से भारतीय टीम में नहीं रहे हैं. वर्ल्ड कप 2019 में पांच शतक लगाने वाले रोहित शर्मा को वन डे का बेहतरीन बैट्समैन माना जाता है लेकिन टेस्ट मैचों में उनका रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं रहा है. यह देखना दिलचस्प होगा कि टेस्ट की टीम में उन्हें जगह मिलती है या नहीं. वर्ल्ड कप 2019 के 9 मैचों में 55 की औसत से 443 रन बनाने वाले विराट कोहली अपने बल्ले से अधिक अपनी कप्तानी की वजह से आलोचना का शिकार हुए. वेस्ट इंडीज़ की गेंदबाज़ी इसके अलावा टीम पर अभी कई सारे सवाल उठ रहे हैं, मतभेद की भी चर्चा है. वर्ल्ड कप में टीम के संतुलन पर भी सवाल उठे थे. गावस्कर जैसे बड़े खिलाड़ी भी टीम मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर रहे हैं और नए कोच का सेलेक्शन भी होना है. हो सकता है कि इन सारे सवालों का जवाब इस सिरीज़ में मिले. देखना होगा कि रवि शास्त्री और टीम के अन्य कोच को एक्सटेंशन मिलता है या नहीं. अब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप भी शुरू हो गई है. भारत-वेस्ट इंडीज़ टेस्ट मैच पहले की तरह नहीं रहने वाला है. अब हार, ड्रॉ और जीत के पॉइंट मिलेंगे जिनके आधार पर दो साल में कोई टीम टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल तक पहुंच सकती है. और टेस्ट मैच में भारतीय टीम नंबर वन है, इसलिए उसकी कोशिश होगी कि वो दोनों टेस्ट जीते. लेकिन ये इतना आसान भी नहीं है, क्योंकि वेस्ट इंडीज़ के पास तीन चार गेंदबाज़ ऐसे हैं जिनकी रफ़्तार डेढ़ सौ किलोमीटर प्रति घंटा है. इंग्लैंड की टीम को भी इन्हीं गेंदबाज़ों ने काफ़ी परेशान किया था. इसलिए भारतीय टीम को इस क्षेत्र में चौकन्ना रहना होगा. टीम में मतभेद एक चुनौती टीम को एकजुट करने की है, क्योंकि ड्रेसिंग रूम में मतभेद और अनबन चर्चा का विषय हैं. किसी भी टीम में मतभेद हो सकता है लेकिन मैच में इन्हें एक किनारे रख कर खेल पाती है, ये महत्वपूर्ण है. टीम में मतभेद की बात पहली बार सुनने को नहीं मिली है. 1983 के वर्ल्ड कप में कपिल देव और सुनील गावस्कर के बीच एक दरार सी थी, लेकिन उसके बावजूद भारत ने पहली बार वर्ल्ड कप जीता. साल 2004-05 में जब भारतीय टीम पाकिस्तान गई तो उस समय राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर के बीच पहले टेस्ट मैच में थोड़ी ग़लतफ़हमी हो गई थी लेकिन फिर भी भारत ने पहली बार ऐतिहासिक जीत हासिल की, पाकिस्तान को उसी की ज़मीन पर हराया. मौजूदा सिरीज़ की शुरुआत टी-20 से हो रही है. चयनकर्ताओं की नज़र अगले टी-20 वर्ल्ड कप पर है इसलिए वो इस दौरे में भरपूर प्रयोग की इजाज़त देना चाहेंगे. कुल मिलाकर भले ही प्रदर्शन के मामले में वेस्टइंडीज़ की टीम थोड़ी कमज़ोर दिखती हो, भारतीय टीम को उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए.
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विराट ने कहा कि अगर टीम का माहौल ठीक नहीं होता तो हमलोग अच्छा नहीं खेलते.

Date : 29-Jul-2019
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने वेस्ट इंडीज़ रवाना होने से पहले उन सारी अटकलों को ख़ारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि वर्ल्ड कप के बाद टीम में दरार आ गई है. विराट ने कहा कि अगर टीम का माहौल ठीक नहीं होता तो हमलोग अच्छा नहीं खेलते. विराट ने कहा कि आप देख सकते हैं कि हम कुलदीप यादव से कैसे बात करते हैं और अपने सीनियर्स यानी धोनी का कितना आदर करते हैं. कोहली ने कहा, मैंने हमेशा रोहित शर्मा की प्रशंसा की है. इन अफ़वाहों से किसी का भला नहीं होना है.टीम इंडिया एक महीने के दौरे पर वेस्ट इंडीज़ जा रही है. तीन अगस्त से मैच की शुरुआत है. इंग्लैंड में वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड से हार के बाद से कहा जा रहा था कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के संबंधों में टकराव की स्थिति है. कोहली ने कहा कि रोहित और उनके संबंधों को लेकर जो कुछ भी छप रहा है उसमें कुछ भी सच्चाई नहीं है. कोहली के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री भी थे. कोहली ने कहा, हमारे बीच कोई कलह नहीं है. अगर मैं किसी को पंसद नहीं करता तो यह मेरे चेहरे पर साफ़ दिखता. मैंने भी पिछले कुछ दिनों से ये सब सुना है लेकिन टीम का माहौल ठीक नहीं होता तो हम अच्छे से खेल नहीं पाते. इस मामले रवि शास्त्री ने भी कहा कि टीम के भीतर ऐसी कोई बात नहीं है. शास्त्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति टीम से बड़ा नहीं है.
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भारतीय क्रिकेट टीम की ऑफिशियल जर्सी पर ग्लोबल स्मार्टफोन कंपनी OPPO की जगह एक नया ब्रांड देखने को मिल सकता है

Date : 26-Jul-2019
नई दिल्ली, 26 जुलाई । भारतीय क्रिकेट टीम की ऑफिशियल जर्सी पर ग्लोबल स्मार्टफोन कंपनी OPPO की जगह एक नया ब्रांड देखने को मिल सकता है। उस ब्रांड का नाम Byjus है। यह बेंगलुरू की एजुकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो एक ऑनलाइन ट्यूटोरियल फर्म है। सूत्रों की माने तो OPPO कंपनी अपने स्पॉन्सरशिप राइट्स Byjus को ट्रांसफर कर रही है। इसके लिए OPPO, Byjus और BCCI के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता होगा। तीनों पक्ष आज ही इस समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। माना जा रहा है कि 15 सितंबर से होने वाले साउथ अफ्रीका दौरे में इंडियन टीम Byjus ब्रांड वाली जर्सी में दिख सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि OPPO ने मार्च 2017 में स्पॉन्सरशिप करार के तहत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से 5 साल के लिए करीब 1,079 करोड़ रुपये में ये राइट्स लिया था। OPPO ने VIVO की 768 करोड़ रुपए की बोली को पछाड़कर ये स्पॉन्सरशिप जीती थी। समझौते के मुताबिक OPPO प्रति द्विपक्षीय मैच के लिए BCCI को 4.61 करोड़ रुपए और किसी भी ICCइवेंट गेम के लिए 1.56 करोड़ रुपए भुगतान कर रहा था। BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया क्रिकेट टीम की जर्सी के स्पॉन्सरशिप सौदे के संभावित हैंडओवर पर OPPO और Byjus आपस में बातचीत कर रहे हैं। CoA को इस बारे में जानकारी दे दी गई है कि वो स्पॉन्सरशिप के हस्तांतरण पर आपस में बात कर रहे हैं। BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, स्पॉन्सरशिप के किसी भी ट्रांस्फर के लिए इच्छुक पार्टियों को BCCI को इस सौदे से जुड़ी बातचीत के बारे में सूचित करना होगा। इसीलिए OPPO और Byjus ने हमें इस बातचीत के बारे में सूचित किया है। BCCI का स्पॉन्सरशिप के पैसे का नुकसान होने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि नई कंपनी वही भुगतान करेगी जो पुराना स्पॉन्सर यानि OPPO कर रहा है। अधिकारी ने बताया, BCCI के एग्रीमेंट में एक क्लॉज़ है, जो स्पॉन्सरशिप के ट्रांस्फर की अनुमति देता है। गोपनीयता की वजह से इसकी फाइनेंशियल डीलिंग्स के बारे में बात नहीं की जा सकती है। BCCI के ही एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि ऐसा भी हो सकता है कि इस स्पॉन्सरशिप ट्रांस्फर से बोर्ड को पहले से ज्यादा रकम मिल जाए। अधिकारी ने कहा कि,यदि स्पॉन्सरशिप का हस्तांतरण होता है तो BCCI को उसका लाभ भी हो सकता है। दोनों पक्षों को मिलाकर बोर्ड को अतिरिक्त 10 प्रतिशत भुगतान करना होगा और छह महीने का नोटिस भी देना होगा। मुझे लगता है कि दोनों कंपनियां इस बारे में बातचीत कर रही होंगी कि ये अतिरिक्त 10 प्रतिशत का बोझ कौन उठाएगा। Byjus ऑनलाइन ट्यूटोरियल फर्म है, जिसकी स्थापना केरल के उद्यमी Byju Raveendran ने 2011 में की। इंडस्ट्री में इसकी कीमत 38,000 करोड़ रुपये की है। इसकी पैरंट कंपनी थिंक ऐंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड है। बता दें कि Byjus शुरू करने के लिए इसे साल 2013 में सीड फंडिंग मिली थी और इसके ग्लोबल इंवेस्टर्स में चान-जकरबर्ग, निकोलस कैटर और होंगवेई चेन शामिल हैं।
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