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रवि शास्त्री टीम इंडिया के कोच बने रहेंगे

Date : 16-Aug-2019
नई दिल्ली 16 अगस्त वि शास्त्री टीम इंडिया के कोच बने रहेंगे. रवि शास्त्री को कपिल देव की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय समिति ने भारतीय क्रिकेट टीम का कोच चुना है. कपिल देव के अलावा इस समिति में अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी भी शामिल थीं. इमेज कॉपीरइटREUTERS कपिल देव ने रवि शास्त्री को क्रिकेट कोच बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि इस दौड़ में न्यूज़ीलैंड के माइक हेसन दूसरे स्थान पर रहे जबकि ऑस्ट्रेलियाई टॉम मूडी तीसरे स्थान पर रहे. रवि शास्त्री 2017 में चैंपियंस ट्रॉफ़ी की समाप्ति के बाद से ही टीम इंडिया के हेड कोच बने हुए हैं. बतौर कोच शास्त्री के समय में टीम इंडिया टेस्ट और वनडे रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंची है. इसके अलावा टीम इंडिया ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराने का करिश्मा कर दिखाया. हालांकि उनकी अगुवाई में टीम 2019 का वर्ल्ड कप नहीं जीत सकी, जहां उसे न्यूज़ीलैंड के हाथों सेमीफ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा था. शास्त्री कैसे बने कोच? रवि शास्त्री के अब तक के कार्यकाल में भारतीय टीम ने अब तक 60 वनडे मैचों, 21 टेस्ट मैचों और 36 टी-20 मैच खेले हैं. इसमें टीम इंडिया 43 वनडे, 13 टेस्ट और 25 टी-20 मुक़ाबलों में जीत हासिल की है. शास्त्री का पलड़ा किन वजहों से भारी रहा, ये सवाल पूछे जाने पर समिति में शामिल अंशुमन गायकवाड़ ने बताया, "शास्त्री को सिस्टम के बारे में और टीम के खिलाड़ियों को अच्छे से पता है. उनकी टीम के खिलाड़ियों से अच्छा संवाद है और उनकी कम्यूनिकेशन स्किल भी बहुत अच्छी है." वहीं कपिल देव ने बताया, "पहले तीनों में बहुत अंतर नहीं रहा. हमलोगों ने 100 में अपने अपने अंक इन कोचों को दिए. आपस में कोई बात नहीं की. शास्त्री को मामूली बढ़त ही मिली थी. हेसन और मूडी भी अच्छे कोच हैं." बताया जा रहा है कि अगले कोच को 2021 के आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप तक का कार्यकाल दिया जाएगा. यानी अगले दो सालों के लिए रविशास्त्री के जिम्मे ही भारतीय क्रिकेट को तराशने का काम रहेगा.
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रंगीन मिजाजी क्रिस गेल

Date : 15-Aug-2019
वेस्टइंडीज़ के क्रिकेटर क्रिस गेल ((Chris Gayle) क्रिकेट प्रेमियों को झटके पर झटका दे रहे हैं. वो कभी संन्यास लेने की बात करते हैं, तो कभी मूकर जाते हैं. वेस्टइंडीज़ के धाकड़ बल्लेबाज़ क्रिस गेल (Chris Gayle) अपने मन के मालिक हैं. क्रिकेट पिच पर धमाल मचाने वाले गेल कब क्या कर देंगे किसी को कुछ भी नहीं पता. वो क्रिकेट प्रेमियों को झटके पर झटका दे रहे हैं. वो कभी संन्यास लेने की बात करते हैं, तो कभी मूकर जाते हैं. रंगीन मिजाज के गेल की पर्सनल लाइफ भी हमेशा सूर्खियों में रहती है. इतना ही नहीं एक बार ऑस्ट्रेलिया में मैच के दौरान एक महिला प्रजेंटर से खराब व्यवहार को लेकर भी गेल की आलोचना हुई थी. आईए एक नज़र डालते हैं उनके गर्लफ्रेंड्स की लंबी लिस्ट पर. शर्लिन चोपड़ा शर्लिन चोपड़ा से गेल के रोमांस की खबरें साल 2010 में आईपीएल के दौरान आई थी. गेल और शर्लिन को कोलकाता में लेटनाइट पार्टी में डांस करते हुए देखा गया. इन दोनों का डांस यूट्यूब पर काफी वायरल हुआ था. शर्लिन भारत की एक मॉडल है. उन्होंने प्ले बॉय मैगजीन के लिए न्यूड पोज दिया था. हालांकि, शर्लिन ने बाद में गेल के साथ अफेयर से इनकार किया था. शर्लिन ने ये माना था कि गेल ने उन्हें डेटिंग का ऑफर दिया था.
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रोते हुए रिटायर हुईं सेरेना विलियम्स

Date : 12-Aug-2019
यूएस ओपन (US Open) की तैयारियों के लिए टोरंटो (Toronto) में खेले जा रहे रोजर्स कप (Rogers Cup) में खेलने उतरी सेरेना विलियम्स (Serena Williams) को खिताबी मुकाबले में निराशा हाथ लगी. सेरेना को रोजर्स कप के फाइनल में कनाडा की बियांका आंद्रेस्‍क्यू के खिलाफ पहले सेट के दौरान ही रिटायर होना पड़ा. उन्हें पीठ में दर्द की समस्या के चलते बीच मैच से हटने को मजबूर होना पड़ा. इस दौरान सेरेना दर्द के चलते रोने लगीं. अमेरिका की टेनिस दिग्गज सेरेना विलियम्स यूएस ओपन की तैयारियों के मद्देनजर इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही थीं. जिस समय सेरेना मुकाबले से हटीं, उस समय बियांका 3-1 से आगे चल रही थीं. सेरेना भी एकदम ठीक नजर आ रही थीं, लेकिन तभी वह रोने लगीं और उन्होंने मैच के बीच से रिटायर होने का फैसला किया. सेरेना का लक्ष्य रिकॉर्ड 24वें ग्रैंडस्लैम खिताब पर कब्जा जमाने का है. यूएस ओपन 26 अगस्त से शुरू हो रहा है. मैच के बाद सेरेना ने कहा कि मुझे माफ कर दीजिए कि मैं कुछ नहीं कर सकी. मैंने काफी कोशिश की, लेकिन मैं खेलना जारी नहीं रख सकी. इस दौरान काफी भावुक हुईं सेरेना ने कहा कि यह साल काफी मुश्किल रहा, लेकिन मैं कोशिश करना जारी रखूंगी. 37 साल की सेरेना विलियम्स पहले घुटने की चोट के चलते कोर्ट से दूर रहीं थीं, उससे उबरने के बाद उन्होंने इस टूर्नामेंट के लिए खुद को फिट करार दिया था. 2018 में मां बनने के बाद वापसी करने के बाद से छह बार की यूएस ओपन चैंपियन सेरेना ने एक भी खिताब नहीं जीता है. सेरेना के मैच छोड़ने के बाद उनकी प्रतिद्वंद्वी बियांका उनके पास गईं और उन्हें सांत्वना दी. बियांका ने कहा कि मुझे सेरेना के लिए काफी खराब महसूस हो रहा है. पिछले साल मुझे भी चोटों का सामना करना पड़ा था और मैं उनकी तकलीफ समझती हूं. 19 साल की बियांका ने कहा कि कई बार आप खुद को प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन सेरेना आज ऐसा नहीं कर सकीं. मैं उनके जल्द फिट होने की कामना करती हूं.
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उन्हें खुद नहीं पता कि वे कब रिटायर होंगे , लेफ्टीनेंट कर्नल महेन्द्र सिंह धोनी

Date : 04-Aug-2019
लेफ़्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी कश्मीर में सेना के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं और 31 जुलाई से 15 अगस्त तक गार्ड और पैटरोलिंग की भूमिका निभा रहे हैं. देश के लिए धोनी का सेवाभाव सराहनीय है और युवाओं के लिए प्रेरणादायी भी लेकिन भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी वेस्ट इंडीज़ में टीम के साथ नहीं हैं. इस सिरीज़ से खुद को अलग कर लिया था. ऐसा क्यों? आइसीसी के दो वर्ल्ड कप जीतने वाले इकलौते कप्तान धोनी कुछ ऐसे सवालों के साथ जूझ रहे हैं जिनका जवाब अगर उनसे आए तो अच्छा होता. सबसे बड़ा सवाल है कि क्या वो अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को उन्हें अलविदा कह देना चाहिए? धोनी ने कहा कि उन्हें खुद ही पता नहीं है कि वो कब रिटायरमेंट लेंगे. बात ठीक है, इतना हक़ तो उनका बनता है. लेकिन क्रिकेट के इतिहास में फ़ैसले दिल से नहीं बल्कि दिमाग़ से लिए जाते रहे हैं. वीवीएस लक्ष्मण धोनी के साथ खेलने वाले भारतीय क्रिकेट के कई दिग्गजों का टीम के साथ आखिरी वक्त वैसा नहीं था जैसा उन्होंने सोचा होगा. वीवीएस लक्ष्मण से बड़ा जेंटलमैन क्रिकेटर शायद ही कोई टीम में रहा होगा. टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे शानदार पारियों में से एक खेलने वाले वीवीएस ने जब 2012 में अचानक संन्यास की घोषणा की तो मानो हड़कंप मच गया. हैदराबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे सवाल पूछा गया कि क्या उन्होंने कप्तान धोनी को इसके बारे में बताया तो उन्होंने मुस्कुरा कर कहा था कि धोनी से संपर्क करना कितना मुश्किल है सब जानते हैं. हालांकि बाद में लक्ष्मण ने अपनी आत्मकथा 281 नॉट आउट में लिखा कि इस बात को मीडिया ने ग़लत तरीके से तोड़ मरोड़ कर पेश किया. लेकिन कई पूर्व खिलाड़ियों ने उस वक्त धोनी की आलोचना की और कहा कि वो कप्तान कैसा जो टीममेट की ही न सुने? तो क्या सचमुच धोनी ऐसे कप्तान हैं जो खिलाड़ियों की नहीं सुनते थे? युवा खिलाड़ियों की सुनें तो जवाब ठीक विपरीत मिलेगा. लेकिन लक्ष्मण सरीखे कई सीनियर खिलाड़ियों को, खासकर उनके आखिरी दिनों में, बेहतर ट्रीटमेंट की उम्मीद रही होगी. सहवाग और गंभीर 2011-12 की ऑस्ट्रेलियाई सिरीज़ में भारत को टेस्ट में 4-0 से करारी हार मिली. अब तैयारी वनडे सिरीज़ की हो रही थी. कप्तान धोनी ने टीम मीटिंग बुलाई. संदेश दिया गया कि गंभीर, सहवाग और सचिन तीनों 30 के ऊपर हैं और तीनों को साथ खिलाने से फील्डिंग पर असर पड़ेगा. हालांकि गंभीर ने उस सिरीज़ में युवा विराट कोहली के बाद सर्वाधिक रन बनाए लेकिन इसके बाद गंभीर और सहवाग ज़्यादा नहीं खेल सके. क्या ये महज़ इत्तेफाक था या सचमुच टीम को अब दोनों की ज़रूरत नहीं थी? मत भूलिए कि गंभीर के पास अभी भी काफी वक्त था. 2011 के वर्ल्ड कप में गंभीर भारत के सर्वाधिक रन स्कोरर थे. क्या इस उपलब्धि के एक साल के भीतर ही वो टीम के लिए नाकाबिल हो गए? गंभीर ने बाद में कहा कि उन्हें बड़ा सदमा लगा था. उन्होंने धोनी पर सवाल उठाते हुए कहा था कि 2012 में कोई कैसे कह सकता था कि फलां खिलाड़ी 2015 के वर्ल्ड कप में नहीं खेल सकता? युवराज सिंह के पिता और पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने तो यहाँ तक कहा कि गंभीर, सहवाग और युवराज को टीम से निकालने में धोनी ने बड़ी भूमिका निभाई. गांगुली और द्रविड़ फील्डिंग को वजह बताकर धोनी ने 2008 के ऑस्ट्रेलियाई सिरीज़ से पहले गांगुली और राहुल द्रविड़ की वनडे से छुट्टी करा दी थी. फ़ैसला सही था क्योंकि इसने 2011 की वर्ल्ड कप विजेता टीम की नींव रखी थी. क्या धोनी इस लॉजिक को आज भूल गए हैं? वीरेंदर सहवाग ने एक इंटरव्यू में बताया कि क्यों युवा धोनी अपने करियर के लिए कप्तान गांगुली को धन्यवाद दें. उन्होंने बताया कि धोनी करियर में कुछ पहली पारियों में असफल रहे थे. गांगुली ओपनिंग पोजीशन सहवाग के लिए छोड़ कर तीन नंबर पर बैटिंग कर रहे थे. उन्होंने कुछ पारियों में नंबर तीन भी धोनी के लिए छोड़ दिया था. हम सब जानते हैं किस तरह धोनी ने फिर विशाखापट्टनम में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ विस्फोटक शतक लगाकर अपनी जगह पक्की की थी. शायद इसी कहानी में धोनी के लिए कुछ दिशाएं छुपे हैं. कब होंगे रियाटर? धोनी अब वो बल्लेबाज़ नहीं हैं जिनसे दुनिया खौफ़ खाती है. वर्ल्ड कप के दौरान उनकी कुछ धीमी पारियों ने टीम को जीत नहीं दिलाई. वो सिचुएशन जहाँ धोनी से बेहतर कोई फिनिशर नहीं था वहाँ अब वे चूकने लगे हैं. तो क्यों न धोनी ये आवाज़ सुनें और खुद ही रिटायरमेंट की घोषणा कर दें? धोनी ने कहा कि उन्हें खुद नहीं पता कि वे कब रिटायर होंगे. शायद उनके दिमाग में अगले साल का टी20 वर्ल्ड कप हो. वे चाहते हों कि जीत के साथ ही उनके करियर का अंत हो. लेकिन अतीत में कई ऐसे फ़ैसले हुए हैं जिनमें खिलाड़ियों को लगा होगा की उन्हें ठीक से रिटायर होने का मौका नहीं मिला. धोनी के पास इस शिकायत से बचने का मौका है.
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वेस्टइंडीज़ की टीम थोड़ी कमज़ोर दिखती है, भारतीय टीम को उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए.

Date : 03-Aug-2019
क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के बाद भारतीय टीम वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ मुक़ाबला करने को तैयार है. शुरुआती दो टी-20 मुक़ाबला अमरीका में खेलने का बाद भारतीय टीम मेज़बान वेस्ट इंडीज़ के साथ आखिरी टी-20, तीन वनडे और दो टेस्ट उसी की सरजमीं पर खेलेगी. वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में मिली हार के बाद भारतीय टीम के अंदर मतभेदों को लेकर ख़बरों का बाज़ार काफी गरम रहा. कप्तानी, कोचिंग के अलावा टीम में अंदरूनी टकराव की बातें भी सामने आईं. ऐसे में वेस्ट इंडीज़ का यह दौरा बहुत महत्वपूर्ण है. वैसे रैंकिंग के लिहाज़ से देखें तो भारतीय टीम के सामने वेस्ट इंडीज़ की टीम काफ़ी हल्की दिखती है. टी-20 में वेस्ट इंडीज़ वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी है लेकिन वर्तमान रैंकिंग में वह नौवें पायदान पर है, जबकि भारत पांचवें पर काबिज है. खेल के इस प्रारूप में भारतीय टीम कई नए चेहरों के साथ उतर रही है, मसलन दीपक चाहर, राहुल चाहर, ख़लील अहमद, नवदीप सैनी, क्रुणाल पांड्या, वॉशिंगटन सुंदर, मनीष पांडे और श्रेयस अय्यर. 2020 में टी-20 वर्ल्ड कप होने वाला है. ऐसे में इन नए खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नज़रें बनी रहेंगी. वनडे में भी रैंकिंग के लिहाज से भारत दूसरे तो वेस्ट इंडीज़ नौवें पायदान पर है. हालांकि इसमें दोनों का प्रदर्शन मिला जुला रहा है. इसलिए पहले से कोई अनुमान लगाना मुश्किल है. टेस्ट मैच में भारत नंबर वन है और वेस्ट इंडीज़ आठवें पायदान पर है. मौजूदा दौरे में दो टेस्ट मैच खेले जाने हैं और ये मुकाबला दिलचस्प हो सकता है क्योंकि अभी कुछ महीने पहले ही इसी वेस्ट इंडीज़ टीम ने इंग्लैंड को टेस्ट मैच में हराया था और सिरीज़ जीती थी. टेस्ट मैच के मामले में भारतीय खिलाड़ियों के सामने कुछ चुनौतियां हैं. जैसे अजिंक्य रहाणे वापस आ रहे हैं और वो टीम के उप कप्तान भी हैं. वो काफ़ी अरसे से भारतीय टीम में नहीं रहे हैं. वर्ल्ड कप 2019 में पांच शतक लगाने वाले रोहित शर्मा को वन डे का बेहतरीन बैट्समैन माना जाता है लेकिन टेस्ट मैचों में उनका रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं रहा है. यह देखना दिलचस्प होगा कि टेस्ट की टीम में उन्हें जगह मिलती है या नहीं. वर्ल्ड कप 2019 के 9 मैचों में 55 की औसत से 443 रन बनाने वाले विराट कोहली अपने बल्ले से अधिक अपनी कप्तानी की वजह से आलोचना का शिकार हुए. वेस्ट इंडीज़ की गेंदबाज़ी इसके अलावा टीम पर अभी कई सारे सवाल उठ रहे हैं, मतभेद की भी चर्चा है. वर्ल्ड कप में टीम के संतुलन पर भी सवाल उठे थे. गावस्कर जैसे बड़े खिलाड़ी भी टीम मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर रहे हैं और नए कोच का सेलेक्शन भी होना है. हो सकता है कि इन सारे सवालों का जवाब इस सिरीज़ में मिले. देखना होगा कि रवि शास्त्री और टीम के अन्य कोच को एक्सटेंशन मिलता है या नहीं. अब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप भी शुरू हो गई है. भारत-वेस्ट इंडीज़ टेस्ट मैच पहले की तरह नहीं रहने वाला है. अब हार, ड्रॉ और जीत के पॉइंट मिलेंगे जिनके आधार पर दो साल में कोई टीम टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल तक पहुंच सकती है. और टेस्ट मैच में भारतीय टीम नंबर वन है, इसलिए उसकी कोशिश होगी कि वो दोनों टेस्ट जीते. लेकिन ये इतना आसान भी नहीं है, क्योंकि वेस्ट इंडीज़ के पास तीन चार गेंदबाज़ ऐसे हैं जिनकी रफ़्तार डेढ़ सौ किलोमीटर प्रति घंटा है. इंग्लैंड की टीम को भी इन्हीं गेंदबाज़ों ने काफ़ी परेशान किया था. इसलिए भारतीय टीम को इस क्षेत्र में चौकन्ना रहना होगा. टीम में मतभेद एक चुनौती टीम को एकजुट करने की है, क्योंकि ड्रेसिंग रूम में मतभेद और अनबन चर्चा का विषय हैं. किसी भी टीम में मतभेद हो सकता है लेकिन मैच में इन्हें एक किनारे रख कर खेल पाती है, ये महत्वपूर्ण है. टीम में मतभेद की बात पहली बार सुनने को नहीं मिली है. 1983 के वर्ल्ड कप में कपिल देव और सुनील गावस्कर के बीच एक दरार सी थी, लेकिन उसके बावजूद भारत ने पहली बार वर्ल्ड कप जीता. साल 2004-05 में जब भारतीय टीम पाकिस्तान गई तो उस समय राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर के बीच पहले टेस्ट मैच में थोड़ी ग़लतफ़हमी हो गई थी लेकिन फिर भी भारत ने पहली बार ऐतिहासिक जीत हासिल की, पाकिस्तान को उसी की ज़मीन पर हराया. मौजूदा सिरीज़ की शुरुआत टी-20 से हो रही है. चयनकर्ताओं की नज़र अगले टी-20 वर्ल्ड कप पर है इसलिए वो इस दौरे में भरपूर प्रयोग की इजाज़त देना चाहेंगे. कुल मिलाकर भले ही प्रदर्शन के मामले में वेस्टइंडीज़ की टीम थोड़ी कमज़ोर दिखती हो, भारतीय टीम को उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए.
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विराट ने कहा कि अगर टीम का माहौल ठीक नहीं होता तो हमलोग अच्छा नहीं खेलते.

Date : 29-Jul-2019
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने वेस्ट इंडीज़ रवाना होने से पहले उन सारी अटकलों को ख़ारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि वर्ल्ड कप के बाद टीम में दरार आ गई है. विराट ने कहा कि अगर टीम का माहौल ठीक नहीं होता तो हमलोग अच्छा नहीं खेलते. विराट ने कहा कि आप देख सकते हैं कि हम कुलदीप यादव से कैसे बात करते हैं और अपने सीनियर्स यानी धोनी का कितना आदर करते हैं. कोहली ने कहा, मैंने हमेशा रोहित शर्मा की प्रशंसा की है. इन अफ़वाहों से किसी का भला नहीं होना है.टीम इंडिया एक महीने के दौरे पर वेस्ट इंडीज़ जा रही है. तीन अगस्त से मैच की शुरुआत है. इंग्लैंड में वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड से हार के बाद से कहा जा रहा था कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के संबंधों में टकराव की स्थिति है. कोहली ने कहा कि रोहित और उनके संबंधों को लेकर जो कुछ भी छप रहा है उसमें कुछ भी सच्चाई नहीं है. कोहली के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री भी थे. कोहली ने कहा, हमारे बीच कोई कलह नहीं है. अगर मैं किसी को पंसद नहीं करता तो यह मेरे चेहरे पर साफ़ दिखता. मैंने भी पिछले कुछ दिनों से ये सब सुना है लेकिन टीम का माहौल ठीक नहीं होता तो हम अच्छे से खेल नहीं पाते. इस मामले रवि शास्त्री ने भी कहा कि टीम के भीतर ऐसी कोई बात नहीं है. शास्त्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति टीम से बड़ा नहीं है.
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भारतीय क्रिकेट टीम की ऑफिशियल जर्सी पर ग्लोबल स्मार्टफोन कंपनी OPPO की जगह एक नया ब्रांड देखने को मिल सकता है

Date : 26-Jul-2019
नई दिल्ली, 26 जुलाई । भारतीय क्रिकेट टीम की ऑफिशियल जर्सी पर ग्लोबल स्मार्टफोन कंपनी OPPO की जगह एक नया ब्रांड देखने को मिल सकता है। उस ब्रांड का नाम Byjus है। यह बेंगलुरू की एजुकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो एक ऑनलाइन ट्यूटोरियल फर्म है। सूत्रों की माने तो OPPO कंपनी अपने स्पॉन्सरशिप राइट्स Byjus को ट्रांसफर कर रही है। इसके लिए OPPO, Byjus और BCCI के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता होगा। तीनों पक्ष आज ही इस समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। माना जा रहा है कि 15 सितंबर से होने वाले साउथ अफ्रीका दौरे में इंडियन टीम Byjus ब्रांड वाली जर्सी में दिख सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि OPPO ने मार्च 2017 में स्पॉन्सरशिप करार के तहत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से 5 साल के लिए करीब 1,079 करोड़ रुपये में ये राइट्स लिया था। OPPO ने VIVO की 768 करोड़ रुपए की बोली को पछाड़कर ये स्पॉन्सरशिप जीती थी। समझौते के मुताबिक OPPO प्रति द्विपक्षीय मैच के लिए BCCI को 4.61 करोड़ रुपए और किसी भी ICCइवेंट गेम के लिए 1.56 करोड़ रुपए भुगतान कर रहा था। BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया क्रिकेट टीम की जर्सी के स्पॉन्सरशिप सौदे के संभावित हैंडओवर पर OPPO और Byjus आपस में बातचीत कर रहे हैं। CoA को इस बारे में जानकारी दे दी गई है कि वो स्पॉन्सरशिप के हस्तांतरण पर आपस में बात कर रहे हैं। BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, स्पॉन्सरशिप के किसी भी ट्रांस्फर के लिए इच्छुक पार्टियों को BCCI को इस सौदे से जुड़ी बातचीत के बारे में सूचित करना होगा। इसीलिए OPPO और Byjus ने हमें इस बातचीत के बारे में सूचित किया है। BCCI का स्पॉन्सरशिप के पैसे का नुकसान होने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि नई कंपनी वही भुगतान करेगी जो पुराना स्पॉन्सर यानि OPPO कर रहा है। अधिकारी ने बताया, BCCI के एग्रीमेंट में एक क्लॉज़ है, जो स्पॉन्सरशिप के ट्रांस्फर की अनुमति देता है। गोपनीयता की वजह से इसकी फाइनेंशियल डीलिंग्स के बारे में बात नहीं की जा सकती है। BCCI के ही एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि ऐसा भी हो सकता है कि इस स्पॉन्सरशिप ट्रांस्फर से बोर्ड को पहले से ज्यादा रकम मिल जाए। अधिकारी ने कहा कि,यदि स्पॉन्सरशिप का हस्तांतरण होता है तो BCCI को उसका लाभ भी हो सकता है। दोनों पक्षों को मिलाकर बोर्ड को अतिरिक्त 10 प्रतिशत भुगतान करना होगा और छह महीने का नोटिस भी देना होगा। मुझे लगता है कि दोनों कंपनियां इस बारे में बातचीत कर रही होंगी कि ये अतिरिक्त 10 प्रतिशत का बोझ कौन उठाएगा। Byjus ऑनलाइन ट्यूटोरियल फर्म है, जिसकी स्थापना केरल के उद्यमी Byju Raveendran ने 2011 में की। इंडस्ट्री में इसकी कीमत 38,000 करोड़ रुपये की है। इसकी पैरंट कंपनी थिंक ऐंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड है। बता दें कि Byjus शुरू करने के लिए इसे साल 2013 में सीड फंडिंग मिली थी और इसके ग्लोबल इंवेस्टर्स में चान-जकरबर्ग, निकोलस कैटर और होंगवेई चेन शामिल हैं।
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टीम इंडिया मे गुटबाजी, वर्ल्ड कप के दौरान दो हिस्सों में बंटी भारतीय टीम

Date : 23-Jul-2019
विश्व कप के बाद पहली सीरीज खेलने के लिए टीम का एलान हो चुका है। टीम इंडिया वेस्टइंडीज के दौरे पर जाएगी। इस बीच मीडिया में भारतीय टीम में खिलाड़ियों के बीच अनबन की बातें सामने आ रही है। कहा जा रहा की टीम में दो धड़े बने गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा में दबदबे को लेकर टीम इंडिया दो खेमें बंट गई है। विश्व कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों मिली करारी हार के बाद कई तरह की बातें सामने आ रही हैं।। वेस्टइंडीज दौरे के लिए कहा जा रहा था कि विराट कोहली को आराम दिया जा सकता है और रोहित शर्मा सीमित ओवरों की कप्तानी करेंगे। पहले भी रोहित विराट की गैरमौजूदगी में टीम की कमान संभाल चुके हैं, लेकिन तनातनी के दावों के बीच विराट कोहली ने आराम नहीं लिया है। कहा जा रहा है कि अगर रोहित के नेतृत्व में विंडीज में टीम इंडिया वनडे और टी20 सीरीज जीतने में कामयाब होती, तो उनके स्थायी कप्तान बनाने के दावे को और मजबूती मिलती। सूत्रों की माने तो सेमीफाइनल मैच में मोहम्मद शमी को अंतिम 11 में शामिल नहीं किए जाने के फैसले से रोहित शर्मा और उनके साथ के खिलाड़ी नाराज थे। शमी ने वर्ल्ड कप में जबरदस्त गेंदबाजी की थी और 4 मैचों में 14 विकेट चटकाए थे, इसमे एक हैट्रिक भी थी। वहीं रवींद्र जडेजा को वर्ल्ड कप के मैचों के दौरान नजरअंदाज किए जाने पर भी दोनों के बीच मतभेद थे। जडेजा ने बाद में सेमीफाइनल में मौका मिलने पर जबरदस्त पारी खेली। रोहित ने इन फैसलों पर सवाल उठाए थे।
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क्राफ बॉल खेल मे छत्तीसगढ़ ने हिमाचल प्रदेश को हराया

Date : 21-Jul-2019
बिलासपुर 21 जुलाई । राष्ट्रीय क्राफ बॉल प्रतियोगिता जम्मू कश्मीर में आयोजित है। इसमें छत्तीसगढ़ की टीम कोच आनंद सिंह के नेतृत्व में हिस्सा ले रही है। टीम का पहला मुकाबला हिमाचल प्रदेश से हुआ। इसमें शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने हिमाचल को हराया। शाम को हुए मैच में दोनों ही टीम मुकाबले के समाप्त होने तक 6-6 अंक किए। इसके बाद गोल्डन गोल पद्धति से निर्णय लिया गया। कोच आनंद ने बताया कि मैच में बिलासपुर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पी. प्रतिक, अमित पिल्ले, प्रियंका सोनवानी ने स्कोर कर टीम को 7-6 से जीत दिलाया। 
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भारतीय क्रिकेट को आने वाले समय में कुछ सख़्त बदलावों का सामना करना पड़ सकता है?

Date : 18-Jul-2019
वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफ़ाइनल में भारत हार गया. हर हार की समीक्षा होती है और उस समीक्षा के बाद कुछ कड़े फ़ैसले लिए जाते हैं. क्या भारतीय क्रिकेट को भी आने वाले समय में कुछ सख़्त बदलावों का सामना करना पड़ सकता है? भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन यह सवाल इस वक़्त सोशल मीडिया और गली-नुक्कड़ों पर चर्चा का विषय बना हुआ है. क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 में भारतीय बल्लेबाज़ 240 रनों का लक्ष्य हासिल नहीं कर सके और हार कर टूर्नामेंट से बाहर हो गये. तो क्या आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट टीम के नेतृत्व में बदलाव के आसार हैं? वरिष्ठ खेल पत्रकार प्रदीप मैगज़ीन मानते हैं कि कप्तान के संबंध में बदलाव की ज़रूरत और आसार नहीं है लेकिन कोच बदलने पर विचार ज़रूर किया जा सकता है. वह कहते हैं, विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय टीम नियंत्रण में है. यह दुनिया का बेहतरीन बल्लेबाज़ी क्रम है. टीम सही दिशा में बढ़ रही है और कप्तान बदलने का कोई कारण नहीं है. लेकिन कोच के संबंध में कुछ बातें ज़रूर हैं. यह इस पर निर्भर करता है कि ख़ुद रवि शास्त्री कोच बने रहना चाहते हैं या नहीं और बोर्ड क्या सोचता है और कप्तान कोहली क्या सोचते हैं. हालांकि सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इच्छा जताई है कि उपकप्तान रोहित शर्मा को वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन का ईनाम मिलना चाहिए और उन्हें वनडे और टी-20 मैचों की कप्तानी सौंप दी जानी चाहिए, भले ही टेस्ट की कप्तानी कोहली के पास ही रखी जानी चाहिए. प्रदीप मैगज़ीन कहते हैं, रोहित शर्मा में एक कप्तान की कुशाग्रता ज़रूर है. वह समझदार हैं और बतौर कप्तान उनका रिकॉर्ड भी अच्छा है. लेकिन जिन देशों की टीमों में टेस्ट और वनडे में अलग कप्तान हैं, उनमें से कई मामलों में टेस्ट कप्तान वनडे मैच नहीं खेलता है. लेकिन यहां अगर विराट टेस्ट में कप्तान होंगे और वनडे में किसी और की कप्तानी में खेलेंगे तो यह खेल के लिए ठीक नहीं होगा. भारतीय सेटअप में यह प्रयोग नहीं चलेगा. हालांकि अतीत में ऐसा रहा है जब अनिल कुम्बले टेस्ट कप्तान थे और महेंद्र सिंह धोनी वनडे की कमान संभाल रहे थे. उसके बाद धोनी टेस्ट कप्तान रहे और वनडे कप्तानी विराट कोहली को सौंप दी गई. बतौर कप्तान रिकॉर्ड देखें तो 70 से ज़्यादा मैचों में कप्तानी करने वालों में विराट कोहली की सफलता दर सबसे ज़्यादा है. उन्होंने 77 मैचों में से 56 मैच जीते हैं. उनकी कप्तानी में भारत 74.34 फ़ीसदी की दर से मैच जीत रहा है जो महेंद्र सिंह धोनी और अज़हरुद्दीन से कहीं ज़्यादा है. लेकिन बतौर कप्तान रोहित शर्मा का प्रदर्शन भी शानदार रहा है. विराट को आराम दिए जाने पर रोहित शर्मा ने जिन 10 वनडे मैचों में कप्तानी की उनमें से 8 मैच भारत जीता है. 2018 में उनकी कप्तानी में भारत एशिया कप और बांग्लादेश के ख़िलाफ़ निधास ट्रॉफ़ी जीत चुका है. आईपीएल में रोहित शर्मा मुंबई इंडियंस की कप्तानी करते हैं जो सबसे ज़्यादा चार बार आईपीएल विजेता बन चुकी है. रोहित ने कई बार ज़िम्मेदारी को गंभीरता से स्वीकार किया है और अपनी इंद्रियों पर भरोसा रखते हुए समझदार फ़ैसले किए हैं. आईपीएल में उन्होंने काफ़ी स्मार्ट कप्तानी मूव्स दिखाए हैं, चाहे वह एबी डिविलियर्स के ख़िलाफ़ क्रुणाल पंड्या का इस्तेमाल हो या फिर हार्दिक पंड्या को बीच के ओवरों में पूरे ओवर कराना ताकि बल्लेबाज़ों को तेज़ी से रन बनाने का लालच दिया जा सके. हालांकि प्रदीप मैगज़ीन कहते हैं कि इस वर्ल्ड कप में हार की वजह विराट कोहली की ख़राब कप्तानी नहीं है कि उन्हें सज़ा दी जाए. वह कहते हैं, रणनीति के लिहाज़ से आप कह सकते हैं कि सेमीफ़ाइनल में धोनी को देर से भेजना एक ग़लती थी और ऋषभ और हार्दिक को उनके बाद भेजना चाहिए था. लेकिन उस पर सबकी अपनी-अपनी व्याख्याएं हैं. कप्तानी के स्तर पर उनकी एक चूक यही है कि वह समय रहते अपने मध्यक्रम को मज़बूत नहीं कर सके. पर इसकी ज़िम्मेदारी सबकी है और यह कोई ऐसी चूक नहीं कि कप्तान को हटा दिया जाए. भारतीय टीम के मुख्य कोच समेत बाकी सपोर्ट स्टाफ़ का कार्यकाल ख़त्म हो रहा है और बीसीसीआई ने नए आवेदन मंगाए हैं. आवेदन की आख़िरी तारीख़ 30 जुलाई है. अभी रवि शास्त्री मुख्य कोच हैं जबकि बल्लेबाज़ी कोच संजय बांगर, गेंदबाज़ी कोच भरत अरुण और फील्डिंग कोच आर श्रीधर हैं. अभी सपोर्ट स्टाफ़ को 45 दिनों का एक्सटेंशन दिया गया है ताकि वे 3 अगस्त से शुरू हो रहे वेस्टइंडीज़ दौरे तक बने रहें. लेकिन वेस्टइंडीज़ दौरे के बाद भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ़ में कुछ बदलाव हो सकते हैं. प्रदीप मैगज़ीन कहते हैं, मौजूदा हालात में कप्तान विराट कोहली को हटाने का कोई कारण नहीं है. चूंकि किसी पर तो गाज़ गिरनी है, इसलिए लोग कहेंगे कि कोच को हटाना चाहिए और टीम के मार्गदर्शन के लिए एक ताज़े दिमाग वाले आदमी की ज़रूरत है. लेकिन मेरा मानना है कि बोर्ड को विराट कोहली की राय का सम्मान करना होगा. अगर कोहली रवि शास्त्री को हटाने के पक्ष में नहीं है तो बोर्ड के लिए चाहकर भी उन्हें हटाना आसान नहीं होगा. भारतीय टीम इस वर्ल्ड कप में मध्यक्रम में बल्लेबाज़ी की अस्थिरता से जूझती रही. ख़ास तौर से नंबर चार को लेकर सबसे ज़्यादा शिकायती स्वर रहे. प्रदीप मैगज़ीन मानते हैं कि कोहली और शास्त्री की सबसे बड़ी चूक यही रही कि वे नंबर चार का बल्लेबाज़ तैयार नहीं कर पाए. वह कहते हैं, उन्होंने जिन बल्लेबाज़ों को नंबर चार के लिए चिह्नित किया, उन्हें पर्याप्त समय तक खेलने का मौक़ा नहीं दिया और यह भारत की हार का एक अहम कारण रहा. वहां बदलाव तो ज़रूर आएंगे. वर्ल्ड कप में पहले विजय शंकर, फिर केएल राहुल और फिर ऋषभ पंत ने नंबर चार पर बल्लेबाज़ी की थी. प्रदीप मैगज़ीन ऋषभ पंत की टीम में जगह ज़रूर देखते हैं लेकिन नंबर चार पर नहीं. वह कहते हैं, महेंद्र सिंह धोनी अगर वर्ल्ड कप के तुरंत बाद भी संन्यास ले लें. यह भी हो सकता है कि उन्हें एक विदाई सिरीज़ मिल जाए और उसके बाद वह संन्यास लें. ऋषभ पंत उनके प्राकृतिक उत्तराधिकारी हैं और वो एक आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज़ के तौर पर टीम में होंगे. नंबर चार की ज़िम्मेदारी किसी और को देनी होगी. और जिसे भी यह ज़िम्मेदारी दी जाए, उसे खेलने के लिए पर्याप्त समय भी दिया जाए.
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